आखिर सोनियाजी राजी: महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रस की सरकार..!

नई दिल्ही/मुंबई
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर चल रही आरोह-अवरोह की राजनीति को आखिर स्थिरता मिल गई है और कांग्रस नेता सोनिया गांधी ने शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की हामी भर दी है। महाराष्ट्र में नई सरकार गठन के मुद्दे पर दिल्ली में कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं के बीच बैठक हुई। यह मुलाकात एनसीपी चीफ शरद पवार के आवास पर हो रही है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ बैठक के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ गठबंधन पर हामी भर दी है। एनसीपी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। सोनिया गांधी ने बुधवार को एनसीपी प्रमुख के साथ दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात से ही यह बात निकलकर सामने आई है। बुधवार की शाम दिल्ली में कांग्रेस-एनसीपी की बैठक भी होनी है। इस बैठक के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है। महाराष्ट्र में चुनाव के नतीजे आने बाद से ही सरकार गठन पर सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है। अब कांग्रेस पर ही एनसीपी और शिवसेना गठबंधन के भविष्य का भार है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन मुख्यमंत्री पद पर खींचतान के बीच दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन टूट गया। शिवसेना चाह रही थी कि मुख्यमंत्री शिवसेना का बने लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं थी।
भारतीय जनता पार्टी हर हाल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ही बनाना चाहती थी। शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद को लेकर इससे इनकार कर दिया। राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार गठन का न्योता दिया था लेकिन बीजेपी ने यह कहकर मना कर दिया था कि उनके पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है। इसी बीच महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया है। महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने के प्रयास जारी हैं। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना एक दूसरे की मदद से सरकार बनाने की कोशिश में लगी हैं लेकिन इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात से पहले शरद पवार ने सोमवार को कहा था कि बीजेपी और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और 'उन्हें अपना रास्ता चुनना है। संसद में मीडिया से बातचीत में पवार ने कहा, बीजेपी-शिवसेना ने साथ चुनाव लड़ा था, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ चुनाव लड़ा था। उन्हें अपना रास्ता चुनना है और हमें अपनी राजनीति करनी है।